मध्य प्रदेश सरकार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर कई सवाल उठ खड़े हो गए हैं। आज़ादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीण अंचलों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था दम तोड़ती नज़र आ रही है। इस दम तोड़ती शिक्षा व्यवस्था के ज़रिये कैसे युवाओं के सुनहरे भविष्य का सपना पूरा होगा?
हमारी शिक्षा व्यवस्था में गुरु को प्रथम श्रेणी का दर्जा प्राप्त है, लेकिन अगर वहीं गुरु अपने कर्त्तव्य में फेल हो जायेगा, तो नौनिहालों का भविष्य भटकाव के अँधेरे रास्ते पर चला जाएगा। इससे न तो वह सुनहरे भविष्य की ओर आगे बढ़ पायेंगे और न ही देश का भार आपने कंधों पर उठाने के काबिल हो पायेंगे।
दरअसल, हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की पोल ख़ोल दी वो भी कलेक्टर के सामने। यह वीडियो बालाघाट ज़िले से वायरल हुआ है। यहाँ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा औचक निरीक्षण करने बिरसा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला मोहगांव पहुंचे थे। इस दौरान प्राइमरी स्कूल के बच्चे तो बच्चे हेड मास्टर खुद ही गणित के आसान से सवाल में उलझ गईं।
MP: औचक निरीक्षण के दौरान जब बच्चें 441 ÷ 4 का हिसाब नहीं कर पाए तो बलाघाट कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने हेडमास्टर से कहा "मैडम जरा आप ही बच्चों को गणित का यह सवाल हल करके बताओं।"
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) August 27, 2022
और बच्चों की तरह हेडमास्टर सोना धुर्वे भी फेल हो गई।
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वायरल वीडियो के अनुसार, सबसे पहले कलेक्टर गिरीश कुमार ने बच्चों का सामान्य ज्ञान परखने के लिए 441 में 4 से भाग लगाने को कहा लेकिन बच्चे सवाल हल नहीं कर पाये। इस पर मौजूद शिक्षक और हेड मास्टर सोना धुर्वे ने कलेक्टर महोदय से कहा कि सर अभी हम बच्चों को सिखा रहे हैं, क्योंकि लॉकडाउन होने की वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई है, इसलिए उनकी यह हालत है।
हेड मास्टर सोना धुर्वे की सफाई सुन कलेक्टर ने कहा कि आप ही इसे हल करके बच्चों को सिखाइए। कुछ देर सोचने के बाद हेड मास्टर ने सवाल तो हल किया, लेकिन उत्तर गलत आया। इसके बाद कलेक्टर ने फिर से सवाल हल करने के लिए कहा लेकिन फिर से सही जवाब नहीं आया। कई बार की कोशिश देख कलेक्टर ने हेडमास्टर से पूछा कि यह कैसे पता करेंगे कि यह सही है या ग़लत? इस पर चेहरा नीचे कर मैडम कुछ जवाब नहीं दे सकी। इस पूरे घटनाक्रम को देख कलेक्टर ने हेड मास्टर को जमकर फटकार लगाईं और वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
इस वायरल वीडियो को देख आपके मन में एक सवाल तो अवश्य उठा होगा कि अगर इस तरह के फेल टीचरों के हाथ में देश का नया भविष्य होगा तो फिर हम आत्मनिर्भर भारत से लेकर नए भारत का सपना देख तो लेंगे लेकिन उसे हासिल करने में असफल हो जायेंगे।
सीएम राइस स्कूल का नजारा-
ऐसा ही एक नज़ारा बहुप्रचारित सीएम राइस स्कूल में भी दिखा। बालाघाट में कलेक्टर के सीएम राइस स्कूल मलाजखंड के निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर निकलकर सामने आई, उसने सीएम राइस स्कूल में दी जाने वाली शिक्षा की भी पोल खोल दी।

दरअसल यहां पर कलेक्टर ने प्राथमिक कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान बच्चों से बोर्ड पर 6024 लिखकर उसमें 5 का भाग देने को कहा, लेकिन वह भाग नहीं दे पाए। इसके बाद टीचर दिनेश्वरी रहांगडाले को इस सवाल को हल करके बच्चों को समझाने को कहा गया। लेकिन वह भी इसे हल नहीं कर पाई। इस स्थिति को देख कलेक्टर ने टीचर के खिलाफ़ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।